Mansoon Update: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है. लू और चुभती धूप से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून 2025 को लेकर एक नई और राहत भरी जानकारी साझा की है. विभाग का कहना है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले देश में दस्तक देगा.
ला नीना और समुद्री तापमान में बदलाव से जल्दी आएगा मानसून
IMD के अनुसार, इस बार मानसून के जल्दी आने की वजह अनुकूल जलवायु परिस्थितियां हो सकती हैं. ला नीना प्रभाव और हिंद महासागर के तापमान में बदलाव जैसे कारक इसके पीछे हो सकते हैं. यह बदलाव कृषि और जल संकट से जूझ रहे किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है.
13 मई को अंडमान-निकोबार में हुई मानसून की एंट्री
मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 13 मई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश कर लिया है. इन द्वीपों में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मानसून अब सक्रिय हो चुका है.
27 मई को केरल पहुंचेगा मानसून, 2009 के बाद सबसे जल्दी आगमन
IMD का अनुमान है कि मानसून इस बार 27 मई को केरल तट से टकराएगा, जो कि सामान्य समय (1 जून) से चार दिन पहले है. यह 2009 के बाद पहली बार है जब मानसून इतनी जल्दी केरल पहुंचेगा. केरल में मानसून का आगमन भारत में मानसून की औपचारिक शुरुआत माना जाता है.
5 से 7 जून के बीच दक्षिण भारत में पूरी तरह सक्रिय होगा मानसून
केरल के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और जून के पहले सप्ताह में यह कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा. 5 से 7 जून के बीच दक्षिण भारत के अधिकांश इलाकों में मानसून की जोरदार गतिविधियां देखने को मिलेंगी.
दिल्ली और उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मानसून?
दिल्लीवासियों को भी इस बार मानसून का इंतजार कुछ कम करना पड़ेगा. आईएमडी के अनुसार, मानसून दिल्ली में जून के तीसरे सप्ताह से लेकर 29 जून के बीच पहुंच सकता है. सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून 25 जून के आसपास आता है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के कारण कुछ दिनों का अंतर संभव है.
जुलाई के अंत तक पूरे देश को कवर कर लेगा मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के अंत तक मानसून पूरे भारत को कवर कर लेगा. कुछ इलाकों जैसे गुजरात के कुछ हिस्सों में मानसून सबसे अंत में 10 से 15 जुलाई के बीच पहुंचेगा. यानी अगस्त की शुरुआत तक देश का हर हिस्सा मानसून के दायरे में आ जाएगा.
मानसून के जल्दी आने से क्या होंगे फायदे?
- किसानों को जल्द बुआई का मौका मिलेगा.
- जल स्रोतों में पानी जल्दी भरने से पेयजल संकट में राहत मिलेगी.
- गर्मी से राहत मिलने से आम जनजीवन बेहतर होगा.
- बिजली की खपत में कमी आएगी जिससे लोड घटेगा.